Dard Ik Ehsas ???? ?? ??????

दर्द इक एहसास ही तो है
राहत की आस ही तो है

हम नहीं इससे मुतािसर
हमको यह रास ही तो है

िजगर में होती है हलचल
यह इक प्यास ही तो है

ये है गर्मी का इक सबब
ये भी इक सांस ही तो है

याद आता है खूदा सबको
लम्हा यह खास ही तो है

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Sharab Ki Botal

शराब की बोतल


कितनी प्यारी है ये शराब की बोतल
डोल जाते है इसे देख के कितने मन

जब कहीं इसको इक बार खोल देते है
फिर वहां से जाने को नही करता मन

ये मेरे गम -ख़ुशी में शरीक होती है
अजीब सा बन गया है इससे अपनापन

जाम के बाद जाम जब में उठाता हूँ
साथ -ही -साथ में घटते है मेरे गम

साथ देती है मेरा यह दर्द मिटने में
जी में आता है रखूं पास इसे हरदम

MILAP SINGH

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घर को जलाने के बजाय किसी घर को बचाकर देखो।

कितना सकून मिलता है, यह भी आजमाकर देखो।

दर्द का एहसास तभी होगा जब जख्मी होगे,

मेरी मत मानो, चोट कलेजे पे खाकर देखो।।
....................................... ...........................

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Tere Nam Ki ???? ??? ??

तेरे नाम की हर शय से
मैंने िरश्ता तोड िलया
याद न आए तू मुझको
तेरे शहर को छोड िदया

संग के िदल में जब जरा भी
उल्लफत न जागी
पत्थर के पहाडो से टकरा के
हवा ने रुख मोड िलया

यह न सोचो ' िमलाप ' तुम्हारी
शामोसहर कहाँ गुजरेगी
शहर के इक सज्जन ने
मयखाना नया खोल िलया

िजंदगी की राह पे चलते
तूने नहीं कोई लापरवाही की
गम ओर इश्क भला िकसने
इस दुिनया में मोल िलया

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